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Sunday, September 27, 2015

माहेश्वर तिवारी का साक्षात्कार

माहेश्वर तिवारी की बात आंशिक रूप से सही है। कुछ अच्छे कवि भी मंच पर पहुचकर मंचीय़ हो गये। कवि सम्मेलनी व्यवसाय का हिस्सा बनने से
उनका स्तर गिरा है। इससे हमें बचना चाहिये।

-राधेश्याम बंधु
August 25 at 9:07am